“बन बैठी है मान की मूर्ति सी, मुख खोलत बौले न नाहीं न हां ।”किसकी पंक्तिया है?

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ज्योति राजपूत
Jan 01, 2021 11:36 PM 0 Answers आधुनिक काल
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प्रश्न -"बन बैठी है मान की मूर्ति सी, मुख खोलत बौले न नाहीं न हां ।"किसकी पंक्तिया है?

उत्तर - प्रताप नारायण मिश्र

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